6 लेन का भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की सांकेतिक तस्वीर
भोपाल: मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के लंबे समय से अटके हुए हाई-स्पीड सड़क मार्ग के प्लान को अब एक बड़ा बूस्ट मिल गया है। राज्य सरकार के पांच साल से अधिक के निरंतर प्रयासों के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने 161 किलोमीटर लंबे 'भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे' के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए और आधुनिक मार्ग के बन जाने से दोनों शहरों के बीच का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
क्या है इस नए एक्सप्रेसवे की खासियत?
यह नया सिक्स-लेन (6-लेन) एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक नए अलाइनमेंट पर बनाया जाएगा, जो मौजूदा
भोपाल-इंदौर रोड का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित होगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इस नए रूट के अलाइनमेंट को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है, हालांकि परियोजना की अंतिम लागत का निर्धारण अगले पांच महीनों के भीतर पूरी तरह साफ हो जाएगा।
दो घंटे में पूरा होगा सफर
सबसे खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद भोपाल और इंदौर के बीच की कुल यात्रा का समय घटकर दो घंटे से भी कम रह जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे पर यातायात को पूरी तरह सुगम बनाने और सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए केवल दो से तीन ही निर्धारित एंट्री और एग्जिट पॉइंट रखे जाएंगे। यानी बार-बार गाड़ियों के रुकने का झंझट खत्म होगा और गाड़ियां सरपट दौड़ सकेंगी। माना जा रहा है कि भोपाल की तरफ से इस रूट तक पहुंच कोलार या वेस्टर्न कॉरिडोर के जरिए आसानी से मिल सकेग
कब से शुरू होगा जमीनी स्तर पर काम?
रूट का अलाइनमेंट क्लियर होने के बाद अब प्रशासन और संबंधित विभागों ने अगली तैयारियों पर काम शुरू कर दिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट का जमीनी स्तर पर काम अगले 10 महीनों के भीतर शुरू हो जाएगा। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के बनने से न सिर्फ व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम जनता का समय भी बचेगा।
राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे एक मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि समय सीमा के भीतर इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा किया जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
- भोपाल और इंदौर के बीच 161 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनेगा।
- इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 4,000 करोड़ रुपये है।
- यात्रा का समय घटकर दो घंटे से भी कम हो जाएगा।
- सुरक्षा और स्पीड के लिए पूरे मार्ग पर केवल 2 से 3 एंट्री-एग्जिट पॉइंट होंगे।