केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 3 सितंबर को मुंबई में बैंकों और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे

                                                        प्रविष्टि तिथि: 02 SEP 2026 5:36PM by PIB Bhopal

स्वयं सहायता समूह-बैंक संबंधों और व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण पर बैंकों और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (एसआरएलएम) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कल  3 सितंबर,  को मुंबई में आयोजित की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी, माननीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री  कमलेश पासवान और महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, वित्तीय सेवा विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, नाबार्ड, पीएफआरडीए, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों और अन्य प्रमुख हितधारक संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। समीक्षा से पहले, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री स्वयं सहायता समूह की दीदियों के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे, जिनमें से कई लखपति दीदियां स्थापित ग्रामीण उद्यम चला रही हैं।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) को लागू कर रहा है, जो भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय आधारित संस्थाओं का निर्माण करना और उन्हें स्थायी आजीविका से जोड़ना है। पिछले डेढ़ दशक में, इस मिशन ने 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 93 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) और उनके संघों में संगठित किया है। बैंकिंग क्षेत्र इस यात्रा में एक प्रमुख भागीदार रहा है, जिसने SHG को 13.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संचयी ऋण वितरित किया है, और SHG ने उच्च स्तर की पुनर्भुगतान प्रक्रिया को सुनिश्चित किया है।
 संस्थागत ऋण के मजबूत प्रवाह ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की बड़ी संख्या को आजीविका उद्यम स्थापित करने और उनका विस्तार करने में सक्षम बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप 3.46 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी के रूप में उभरी हैं। जैसे-जैसे इनमें से कई उद्यम विकास के चरण में प्रवेश कर रहे हैं और नए उद्यम उभर रहे हैं, मिशन की अगली रणनीतिक प्राथमिकता महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को पोषित करना, वित्त तक उनकी पहुंच को मजबूत करना और उन्हें टिकाऊ ग्रामीण व्यवसायों में परिवर्तित होने में सहायता प्रदान करना है।

सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रबंध निदेशक और कार्यकारी निदेशक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और शीर्ष सहकारी बैंकों के अध्यक्ष और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब तक हुई प्रगति और आगे की राह पर अपने विचार साझा करेंगे। चर्चा में मुख्य रूप से व्यक्तिगत उद्यम ऋण पोर्टफोलियो को दोगुना करने, स्वयं सहायता समूहों को वितरित किए जाने वाले ऋण की औसत मात्रा बढ़ाने, ऋण स्वीकृति और वितरण में लगने वाले समय को कम करने, कठिन क्षेत्रों सहित शेष स्वयं सहायता समूहों के ऋण संपर्क को संतृप्त करने की रणनीतियों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी) और प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पीएसीएस) स्तर पर सहकारी ऋण संरचना की भूमिका को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन विचार-विमर्शों से वित्तीय समावेशन 2.0 की परिकल्पना को लागू करने की दिशा में भविष्य की कार्य योजना को बल मिलेगा, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के लिए समय पर और पर्याप्त ऋण सुनिश्चित करना, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए समर्पित वित्तपोषण और ग्रामीण भारत में उच्च स्तरीय वित्तीय सेवाओं तक  पहुच तक विस्तार करना है                              MG/PD/CY

(रिलीज़ आईडी: 2305985) आगंतुक पटल : 14

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